Sai Charitra

09:22:00 Nandan Bhalwankar 0 Comments


साई चरित्र 


(माझ्या अल्पबुद्धीस समजलेला थोडक्यात व सोपा भावार्थ)

हा माझ्या अल्पबुद्धीला समजलेला भावार्थ आहे. प्रत्येकास त्याचा त्याचा वेगळा भावार्थही उमगू शकतो.   हा साई व त्याचे साईचरित्र हे अथांग आहे. त्याचा भावार्थही तसाच अथांग. त्यामुळे मी सांगितला आहे तोच भावार्थ असे माझे अजिबात म्हणणे नाही.  
मला केवळ माझ्या मनातील विचार व्यक्त करावेसे वाटले म्हणून मी ते भावार्थ स्वरूपात लिहिले आहेत.  

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Some Important Points (काही महत्तवाच्या गोष्टी )

अध्याय १ (Adhyay 1)

अध्याय 2 (Adhyay 2)

अध्याय 3 (Adhyay 3)

अध्याय ४ (Adhyay 4)

अध्याय ५ (Adhyay 5)

अध्याय ६ (Adhyay 6)

अध्याय ७ (Adhyay 7)

अध्याय ८ (Adhyay 8)

अध्याय ९ (Adhyay 9)

अध्याय १० (Adhyay 10)

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अध्याय ११ (Adhyay 11)

अध्याय १२ (Adhyay 12)

अध्याय १३ (Adhyay 13)

अध्याय १४ (Adhyay 14)

अध्याय १५ (Adhyay 15)

अध्याय १६ आणि १७ (ब्रह्मज्ञान)

अध्याय १८ आणि १९ (Adhyay 18 and 19) 

अध्याय २० (Adhyay 20)

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अध्याय २१ (Adhyay 21)

अध्याय २२ ( Adhyay 22)

अध्याय २३ (Adhyay 23)

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अध्याय ४० (Adhyay 40)

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अध्याय ४१ (Adhyay 41)









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(साई भावार्थ खजिना)

अध्याय १ 

अध्याय 2

अध्याय 3

Sainath as Teacher


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ध्वनी प्रयोग (Dhwani)




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